जमशेदपुर / गालूडीह:कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत गालूडीह थाना क्षेत्र (गालूडीह प्रखंड, चुड़िंदा पंचायत) के जोड़ीसा गांव निवासी 51 वर्षीय काशीनाथ महतो का गोवा में आकस्मिक निधन हो गया है। वह गोवा के 'द इंडियन मैरीटाइम्स इंस्टीट्यूट' में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। बीती 3 जुलाई को अचानक हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे काशीनाथ :- मृतक काशीनाथ महतो अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य और इकलौते बेटे थे। उनका परिवार बेहद गरीब है और गांव में घर की स्थिति भी ठीक नहीं है। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पीछे उनकी पत्नी और एक 12 वर्ष का मासूम बच्चा है। परिवार में अब कोई भी ऐसा सदस्य नहीं बचा है जो आजीविका चला सके।सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़ाया मदद का हाथघटना की जानकारी राजेश महतो के माध्यम से मिलने के बाद, सामाजिक कार्यकर्ता अमित महतो और उनकी टीम तुरंत एक्शन में आई। परिवार की स्थिति को देखते हुए सामाजिक स्तर पर त्वरित प्रयास शुरू किए गए:श्रम विभाग से संपर्क: टीम ने तुरंत श्रम विभाग और श्रम मंत्रालय से संपर्क कर त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया।दस्तावेजी प्रक्रिया: जिला प्रशासन से बातचीत कर शव को वापस लाने की जरूरी कागजी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया।गोवा में व्यवस्था: मृतक की पत्नी और बच्चे के लिए टिकट की व्यवस्था की गई। साथ ही गोवा में एंबुलेंस और कार्गो के जरिए शव को सुरक्षित पैक करवाकर एयरपोर्ट भेजने का पूरा प्रबंध किया गया।6 जुलाई सुबह 8 बजे रांची पहुंचेगा पार्थिव शरीर :- काशीनाथ महतो का पार्थिव शरीर इंडिगो की फ्लाइट 6E 5008 से रांची के लिए रवाना हो चुका है। सोमवार सुबह करीब 8:00 बजे शव रांची एयरपोर्ट पहुंचेगा। वहां से एंबुलेंस के जरिए दिवंगत काशीनाथ के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव जोड़ीसा (गालूडीह) लाया जाएगा।प्रशासनिक मदद की उम्मीद, जनप्रतिनिधियों से अपील :- सामाजिक कार्यकर्ता अमित महतो ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शव को लाने में होने वाले खर्च की राशि स्वीकृत कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। सोमवार या मंगलवार तक प्रशासन की ओर से यह सहायता राशि परिजनों को मिल जाएगी।"अब तक जो भी प्रयास और आर्थिक मदद की गई है, वह पूरी तरह से व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर की गई है। अभी तक किसी भी स्थानीय जनप्रतिनिधि से परिवार को कोई सहायता नहीं मिली है। हमारा स्थानीय विधायक और सांसद महोदय से हाथ जोड़कर अनुरोध है कि इस अत्यंत गरीब और बेसहारा हो चुके परिवार की सुध लें और आगे आकर बड़ी मदद का हाथ बढ़ाएं।"— अमित महतो, सामाजिक कार्यकर्ता इस दुखद घटना से पूरे जोड़ीसा गांव और चुड़िंदा पंचायत में शोक की लहर है। स्थानीय विधायक से एंबुलेंस देने का रिक्वेस्ट किया गया हैं l ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने और पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे हैं।
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