चाईबासा: झींकपानी स्थित अडानी सीमेंट फैक्ट्री को बंद किए जाने के नोटिस के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन तेज करते हुए खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा से हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने चाईबासा परिसदन में सांसद से मुलाकात कर फैक्ट्री बंद होने से उत्पन्न होने वाले संभावित रोजगार संकट और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अडानी सीमेंट फैक्ट्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों श्रमिकों तथा उनके परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। फैक्ट्री बंद होने की स्थिति में श्रमिकों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही झींकपानी समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगी।
इसलिए इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर श्रमिकों के हितों की रक्षा करना जरूरी है।प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि इस मुद्दे को लेकर यूथ इंटक पहले ही धरना-प्रदर्शन कर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित कर चुका है। इसके बाद मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपकर फैक्ट्री बंद होने से रोकने, श्रमिकों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और औद्योगिक गतिविधियों को जारी रखने की मांग की गई थी।
इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे गए मांग पत्र की प्राप्ति रसीद भी सांसद को सौंपी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद कालीचरण मुंडा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि झींकपानी अडानी सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े श्रमिकों और स्थानीय लोगों की चिंता पूरी तरह उचित है। उन्होंने कहा कि वह संसद की श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति के सदस्य होने के नाते इस विषय को उचित मंचों पर उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हितों और उनके रोजगार की रक्षा उनकी प्राथमिकता है तथा इस दिशा में हरसंभव प्रयास किया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने तथा फैक्ट्री का संचालन जारी रखने के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।प्रतिनिधिमंडल में धर्मेन्द्र सोनकर, चंद्रशेखर दास, सन्नी सिंकु, सुरेश सावैयां, त्रिशानु राय, अमृत माझी और शैली शैलेन्द्र सिंकु शामिल थे।
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